Satya Niketan Building Collapse: अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद PG संचालक शुभम त्यागी ने किया सरेंडर

Satya Niketan Building Collapse: अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद PG संचालक शुभम त्यागी ने किया सरेंडर

Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को हुए बिल्डिंग हादसे के मामले में PG संचालक और अधिवक्ता शुभम त्यागी ने शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट के सामने सरेंडर कर दिया। शुभम त्यागी को इस मामले में आरोपी बनाया गया है और वह सह-आरोपी सुधांशु के साथ PG कारोबार में साझेदार बताया जा रहा है। शुभम त्यागी की अग्रिम जमानत याचिका को पटियाला हाउस कोर्ट ने एक दिन पहले ही खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने कोर्ट के सामने सरेंडर किया।

दिल्ली पुलिस ने अब शुभम त्यागी और सुधांशु की 2 दिन की कस्टडी की मांग की है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करना जरूरी है। इसके अलावा शुभम त्यागी का मोबाइल फोन भी बरामद किया जाना है।

शुभम त्यागी कौन हैं?

शुभम त्यागी एक अधिवक्ता हैं। इसके साथ ही वह दिल्ली के सत्य निकेतन में चल रहे PG कारोबार से भी जुड़े थे। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, वह सुधांशु के साथ PG कारोबार में बिजनेस पार्टनर और सह-किरायेदार थे। दोनों मिलकर ‘Hotel / Hostel Daze’ नाम से PG चलाते थे।

कोर्ट ने क्यों खारिज की अग्रिम जमानत?

पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) सौरभ प्रताप सिंह ललर ने शुभम त्यागी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि जमानत याचिका में किराए के समझौते को छिपाया गया था। साथ ही जांच अभी शुरुआती चरण में है। कोर्ट ने घायल छात्र के बयान समेत शुभम त्यागी के खिलाफ मौजूद सबूतों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार किया।

कोर्ट ने कहा कि इस मामले में आगे की जांच की जरूरत है, खासकर इस बात को लेकर कि आरोपी को निर्माण कार्य की जानकारी कितनी थी, उसकी सहमति थी या नहीं और PG कारोबार में उसकी आर्थिक और संचालन संबंधी भूमिका क्या थी। कोर्ट ने माना कि मौजूदा परिस्थितियों में यह अग्रिम जमानत देने के लिए उचित मामला नहीं है।

हादसे में 7 लोगों की गई थी जान

सत्य निकेतन में 6 सितंबर को बिल्डिंग गिरने की घटना हुई थी। इस हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। मामले की जांच के दौरान अब तक 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हादसे के बाद PG संचालन और बिल्डिंग में चल रहे निर्माण या बदलाव के काम को लेकर भी जांच की जा रही है।

बिना जरूरी अनुमति PG चलाने का आरोप

अभियोजन ने यह भी आरोप लगाया कि अधिवक्ता होने के बावजूद शुभम त्यागी एक रिहायशी और पुरानी बिल्डिंग में जरूरी अनुमति के बिना कमर्शियल PG चला रहे थे। बिल्डिंग के बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर में निर्माण या बदलाव का काम चल रहा था और इसके बावजूद PG का संचालन जारी रखा गया।

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