
Balaghat News: जनसुनवाई में 136 आवेदकों ने रखीं समस्याएं, अधिकारियों ने दिए निराकरण के निर्देश !
लोकेशन- बालाघाट ( मध्य प्रदेश )
रिपोर्टर- दिलीप जामरे
Balaghat News: बालाघाट, 29 सितंबर 2026। प्रत्येक मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई के तहत मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनसुनवाई आयोजित की गई। कलेक्टर श्री कुमार सत्यम के निर्देशन में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री तनुश्री मीणा एवं अपर कलेक्टर श्री डीपी बर्मन ने आवेदकों की समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवेदनों की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई और समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में जिलेभर से 136 आवेदक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे।
आंगनवाड़ी सहायिका पद पर ज्वाइनिंग की मांग
लालबर्रा तहसील के बड़गांव निवासी वैशाली भालेकर ने आंगनवाड़ी सहायिका के रिक्त पद पर ज्वाइनिंग नहीं दिए जाने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि दशहराटोला (लोहारा) स्थित आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-02 में सहायिका के रिक्त पद के लिए उन्होंने आवेदन किया था और चयन सूची में उनका नाम प्रथम स्थान पर है। इसके बावजूद अब तक नियुक्ति नहीं दी गई है। मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

स्वामित्व योजना के तहत पट्टे की मांग
ग्राम लामता निवासी नंदकिशोर चावले ने स्वामित्व योजना के तहत भूमि स्वामी हक और पट्टा प्रदान करने की मांग की। उन्होंने बताया कि खसरा नंबर 258 की आबादी भूमि पर वे करीब 1980 से काबिज हैं और उनका कब्जा राजस्व अभिलेखों में भी दर्ज है। इसके बावजूद अब तक स्वामित्व योजना के तहत उनका नाम भूमि स्वामी हक में नहीं जोड़ा गया है। मामले में एसडीएम बालाघाट को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मकान का ड्रोन सर्वे कर पट्टा देने की मांग
कटंगी तहसील के उमरी गांव की पुष्पलता ने पुश्तैनी भूमि पर बने मकान का पट्टा दिलाने की मांग की। उन्होंने बताया कि पट्टा प्रक्रिया के तहत ड्रोन से सर्वे किया गया, लेकिन उनकी भूमि और मकान का नाप नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से मकान में निवास कर रही हैं और पंचायत को भवन, स्वच्छता व प्रकाश कर भी जमा कर रही हैं। मामले में एसडीएम बालाघाट को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
छात्रा के लिए हॉस्टल सुविधा की मांग
लालबर्रा तहसील के चिल्लौद निवासी नेहरूलाल मसराम अपनी नातिन सुहाना परते के लिए हॉस्टल सुविधा की मांग लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि कक्षा 9वीं में अध्ययनरत सुहाना रोजाना करीब 16-17 किलोमीटर दूर से बालाघाट बस से आती-जाती है और बस पकड़ने के लिए करीब 3 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। छात्रा ने कक्षा 8वीं में 86.5 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। मामले में सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
दिव्यांग व्यक्ति ने मांगा रोजगार
बैहर तहसील के परसाटोला पंचायत के करेली निवासी महेश कातरे ने रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने बताया कि वह दिव्यांग हैं और परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उन्हीं पर है। उन्होंने रोजगार का साधन उपलब्ध कराने की मांग की। मामले में एसडीएम बैहर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
70-80 वर्षों से रह रहे वार्डवासियों ने मांगा पट्टा
लांजी तहसील के वार्ड क्रमांक-04 के रहवासियों ने आबादी भूमि का पट्टा देने की मांग की। उनका कहना है कि खसरा नंबर 88/1 की शासकीय भूमि पर वार्डवासी करीब 70-80 वर्षों से मकान और बाड़ी बनाकर रह रहे हैं। पूर्व में तहसीलदार और नगर परिषद को कई बार आवेदन देने के बावजूद पट्टा जारी नहीं किया गया। मामले में एसडीएम लांजी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
स्थाई पटेल की नियुक्ति को लेकर शिकायत
तिरोड़ा तहसील के महकेपार निवासी अशोक सोनवाने ने स्थाई पटेल पद पर नियुक्ति को लेकर शिकायत की। उन्होंने दावा किया कि वह करीब 20-25 वर्षों से गांव के स्थाई पटेल का दायित्व निभा रहे थे, लेकिन करीब दो वर्ष पहले उनकी जगह किसी अन्य व्यक्ति को नियुक्त कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम सभा का फर्जी प्रस्ताव तैयार कर उन्हें मृत घोषित किया गया और मोरेश्वर बाघमारे को स्थाई पटेल नियुक्त किया गया। मामले की जांच के लिए एसडीएम कटंगी एवं एसडीओपी कटंगी को निर्देश दिए गए।
लाड़ली बहना योजना की राशि रुकने की शिकायत
जनपद पंचायत लालबर्रा के कनकी निवासी चंद्रकला ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि अगस्त 2026 के बाद नहीं मिलने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि फरवरी से जुलाई 2026 तक उन्हें प्रतिमाह 1,500 रुपये की राशि मिली, जबकि अगस्त में 250 रुपये प्रदर्शित होने के बाद भुगतान बंद हो गया। उनका कहना है कि आवेदन स्वीकृत है और बैंक खाते में डीबीटी भी सक्रिय है। मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी को भुगतान की स्थिति की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों ने आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को प्रकरणों की जांच कर नियमानुसार समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
