
Amritsar Student Suicide: अमृतसर छात्रा आत्महत्या मामला, जांच के लिए पहुंची शिक्षा विभाग की टीम, स्कूल प्रबंधन गायब
Amritsar Student Suicide: अमृतसर के फतेहगढ़ चूड़ियां रोड स्थित DDI स्कूल की छात्रा की आत्महत्या के मामले ने पूरे पंजाब में चिंता बढ़ा दी है। घटना के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जांच तेज कर दी है। जिला शिक्षा विभाग की टीम लगातार स्कूल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश कर रही है, लेकिन अभी तक उन्हें कोई सहयोग नहीं मिल पाया है।
जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी) राजेश कुमार और डिप्टी जिला शिक्षा अधिकारी राजेश खन्ना के नेतृत्व में विभागीय टीम सोमवार और मंगलवार को स्कूल परिसर पहुंची। हालांकि दोनों दिन अधिकारियों को निराश होकर लौटना पड़ा। स्कूल के मुख्य गेट और अन्य कमरों पर ताले लगे हुए थे और स्कूल प्रबंधन का कोई भी प्रतिनिधि वहां मौजूद नहीं था।
स्कूल प्रबंधन से मांगा गया स्पष्टीकरण
शिक्षा विभाग ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल प्रबंधन को पत्र जारी किया है। विभाग ने छात्रा की आत्महत्या से जुड़े आरोपों और परिस्थितियों पर विस्तृत जवाब मांगा है। हालांकि खबर लिखे जाने तक स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूरी जांच की जा रही है और सभी तथ्यों को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग स्कूल प्रशासन की भूमिका और लगाए गए आरोपों की भी जांच करेगा।
शिक्षा मंत्री ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यदि जांच में स्कूल प्रबंधन या किसी अन्य व्यक्ति की लापरवाही या जिम्मेदारी सामने आती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। छात्रा की मौत के बाद सरकार लगातार मामले की निगरानी कर रही है।
फीस विवाद को लेकर लगाए गए गंभीर आरोप
जानकारी के अनुसार, फतेहगढ़ चूड़ियां रोड स्थित निजी स्कूल में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली 17 वर्षीय छात्रा अमजोत कौर ने कथित रूप से जहरीला पदार्थ निगल लिया था। कई दिनों तक अस्पताल में उपचार के बाद शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई। मृतका की मां सरबजीत कौर का आरोप है कि स्कूल में फीस और दाखिले से संबंधित लगभग 20 हजार रुपये बकाया थे। परिवार का कहना है कि 22 मई को फीस को लेकर छात्रा को प्रिंसिपल और अन्य स्टाफ सदस्यों के सामने अपमानित किया गया था।
परिजनों के मुताबिक इस घटना के बाद अमजोत मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थी। परिवार का आरोप है कि स्कूल में हुई कथित प्रताड़ना ने उसे इतना आहत किया कि उसने यह कदम उठा लिया। अब परिजन स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि शिक्षा विभाग पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है।
