
Barabanki News: कांवड़ यात्रा की तैयारियां तेज, मंदिरों के आसपास खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, कारोबारियों को दिए निर्देश
जनपद- बाराबंकी
संवाददाता- मनोज कुमार
Barabanki News: आगामी श्रावण माह और कांवड़ यात्रा को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जनपद में विशेष अभियान शुरू कर दिया है। श्रद्धालुओं को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभाग ने अलग-अलग टीमों का गठन कर कांवड़ मार्ग, प्रमुख मंदिरों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास स्थित होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट, मिठाई की दुकानों और डेयरियों का निरीक्षण किया।
विभागीय टीमों ने लखनऊ-अयोध्या हाईवे, बाराबंकी-गोंडा मार्ग, अवसानेश्वर महादेव मंदिर, मंजीठा स्थित नाग मंदिर, किंतूर सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों के आसपास संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की। निरीक्षण के दौरान सभी प्रतिष्ठानों पर ‘सेफ्टी कनेक्ट’ एप से संबंधित साइनेज भी लगवाए गए, ताकि श्रद्धालु प्रतिष्ठान की जानकारी प्राप्त करने के साथ खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर अपना फीडबैक दर्ज करा सकें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी प्रतिष्ठान के खिलाफ गुणवत्ता संबंधी शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
श्रावण मेले के मद्देनजर खाद्य कारोबारियों को प्रसाद एवं अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम-2006 के प्रावधानों का पालन करने, कृत्रिम एवं प्रतिबंधित रंगों का प्रयोग न करने, खाद्य लाइसेंस एवं पंजीकरण प्रमाणपत्र को प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करने, रेट लिस्ट लगाने तथा कर्मचारियों को हैंड ग्लव्स, एप्रन और हेड कवर पहनने के निर्देश दिए गए। खाद्य पदार्थों को धूल, कीट एवं अन्य दूषित तत्वों से बचाने के लिए उन्हें ढककर रखने की भी हिदायत दी गई।
निरीक्षण के दौरान किंतूर स्थित रोहित कुमार डेयरी और प्रसाद डेयरी से खोया के एक-एक नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए। इसके अलावा सम्राट स्वीट्स, मां वैष्णो स्वीट्स, भोला स्वीट्स, बाबा स्वीट्स, हाईवे हवेली, यादव ढाबा, स्वाद हवेली, जय लक्ष्मी स्वीट्स, श्री जी रेस्टोरेंट, पंजाबी विरसा रेस्टोरेंट, रॉयल पद्मा श्याम भोग सहित कई प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा कि श्रावण माह और कांवड़ यात्रा के दौरान यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
