
Dharmendra Pradhan Slams Rahul Gandhi: JPSC-JSSC विवाद पर बढ़ी सियासी तकरार, धर्मेंद्र प्रधान बोले- सरकार जवाब देने को तैयार, विपक्ष भाग रहा
Dharmendra Pradhan Slams Rahul Gandhi: झारखंड की राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस संवेदनशील घटनाक्रम को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच जुबानी जंग बेहद तीखी हो गई है। पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी युवाओं के मुद्दों पर केवल सहूलियत की राजनीति कर रही है। प्रधान ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार संसद में हर विषय पर चर्चा कराने को तैयार है, लेकिन राहुल गांधी और उनका दल सदन के भीतर सरकार का पूरा जवाब सुनने से लगातार भाग रहा है।
‘आदतन झूठ बोलकर घड़ियाली आंसू बहा रही कांग्रेस’
पूर्व मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने लिखा कि विरोधी दलों का मुख्य उद्देश्य देश में केवल भ्रम पैदा करना और जनता के सामने झूठी हमदर्दी जताना है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि छात्रों के हितों को लेकर कांग्रेस लगातार झूठ फैला रही है। नेता प्रतिपक्ष के पास कोई ठोस आंकड़े या तथ्य मौजूद नहीं हैं। वह बिना किसी आधार के गृहमंत्री अमित शाह पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं, जो केवल उनकी राजनीतिक बौखलाहट और मानसिक हताशा को साफ तौर पर दर्शाता है। यह बेहद दुखद है।
झारखंड की बर्बरता पर आखिर क्यों साधी है चुप्पी?’
कांग्रेस पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि विरोधी दल का लोकतंत्र भी अपनी सुविधा के हिसाब से बदलता है। उन्होंने कहा कि जिस राज्य में कांग्रेस या उसके सहयोगी दलों की सरकार है, वहां विरोध जताने वाले युवाओं पर पुलिस की लाठियां बरसाई जाती हैं। वहीं दूसरी तरफ, जहां उन्हें अपनी राजनीतिक दुकान चमकानी होती है, वहां वे बिना वजह हंगामा खड़ा करते हैं। प्रधान ने सवाल उठाया कि रांची की सड़कों पर छात्र अभ्यर्थियों के साथ जो अमानवीय व्यवहार हुआ, उसे पूरे देश ने देखा है। फिर भी राहुल गांधी आखिर इस मामले पर खामोश क्यों बैठे हैं?
संसद परिसर में मकर द्वार पर NDA सांसदों का प्रदर्शन
इस पूरे मामले को लेकर संसद भवन परिसर में भी जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। सत्ताधारी एनडीए गठबंधन के तमाम सांसद अचानक आक्रामक रुख अपनाते हुए विरोध प्रदर्शन में उतर आए। कई सांसद संसद के पुस्तकालय परिसर से मार्च निकालते हुए मुख्य भवन के मकर द्वार तक पहुंचे। प्रदर्शनकारी सांसदों ने हाथों में तख्तियां लेकर राहुल गांधी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। सांसदों ने ‘राहुल गांधी जवाब दो’ और ‘राहुल गांधी मैदान छोड़कर भागो मत’ जैसे नारों से पूरा परिसर गुंजायमान कर दिया। एनडीए नेताओं का कहना था कि जब तक राहुल गांधी अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं करते, तब तक उनका यह विरोध जारी रहेगा।
गृहमंत्री के जवाब से क्यों कतरा रहा है विपक्ष?
1 दिन पहले केंद्र सरकार ने घोषणा की थी कि वह देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों के प्रदर्शनों पर विस्तृत चर्चा कराने के लिए तैयार है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया था कि गृहमंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर विस्तृत वक्तव्य देने को राजी हैं। हालांकि, राहुल गांधी ने सरकार की इस पेशकश को खारिज करते हुए कहा कि देश सामान्य विषयों पर गृहमंत्री का भाषण नहीं सुनना चाहता। राहुल गांधी का दावा है कि झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार में कांग्रेस भी साझेदार है, लेकिन केंद्र में गृह मंत्रालय की क्या भूमिका रही है, उस पर जवाब मिलना चाहिए।
देश का युवा समझ चुका है दोहरी राजनीति का सच
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि देश का युवा अब कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र को पहचान चुका है। उन्होंने कहा कि भारत के लोकतंत्र में तानाशाही के लिए कोई स्थान नहीं है। राहुल गांधी और आपातकाल वाली मानसिकता से चलने वाली उनकी पार्टी को यह सच्चाई समझ लेनी चाहिए। जब भी संसद में किसी मुद्दे पर बहस होती है, तब विपक्ष के नेता बाहर जाकर ड्रामा करते हैं क्योंकि उनमें सदन के अंदर सच सुनने का साहस नहीं है। यह दुर्भाग्यपूर्ण बात है।
