
Election Commission Protest: राहुल गांधी का EC से सीधा सवाल, ‘विपक्षी सांसदों से मिलने में क्या दिक्कत है?’
Election Commission Protest: चुनाव आयोग (Election Commission) के खिलाफ विपक्षी दलों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को उस वक्त और गरमा गया, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वीडियो जारी कर सीधे सवाल किया कि चुनाव आयुक्त विपक्षी सांसदों से मिल क्यों नहीं रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा के 300 से ज्यादा विपक्षी सांसद चुनाव आयोग से मिलने पहुंचे हैं, लेकिन उन्हें चुनाव आयोग के दफ्तर तक जाने से रोका जा रहा है।
राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब ये सांसद देश के करोड़ों लोगों के प्रतिनिधि हैं तो उन्हें चुनाव आयोग तक जाने से क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने विपक्षी सांसदों को रास्ते में रोके जाने और पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए।
राहुल गांधी ने वीडियो में क्या कहा?
राहुल गांधी ने वीडियो जारी करते हुए कहा कि विपक्ष के लोकसभा और राज्यसभा के 300 से ज्यादा सांसद चुनाव आयोग से मिलने पहुंचे हैं। उनका कहना है कि ये सांसद चुनाव आयुक्तों से मिलकर वोटर लिस्ट (Voter List) और एसआईआर (SIR) को लेकर अपने सवाल रखना चाहते हैं।
राहुल गांधी का सवाल है कि जब विपक्षी सांसद देश के करोड़ों लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं तो उन्हें चुनाव आयोग के दफ्तर तक जाने से क्यों रोका जा रहा है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का भी मुद्दा उठाया और कहा कि विपक्षी सांसदों को रास्ते में ही रोक दिया गया।
राहुल गांधी के वीडियो के सामने आने के बाद चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर सियासी हलचल और तेज हो गई।
More than 300 Opposition MPs marched from Parliament to the Election Commission today to meet the Election Commissioners.
We represent crores of Indians.
– Why aren’t the Election Commissioners meeting us?
– Why is the police stopping and threatening us? https://t.co/tlIck8WoZX— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 6, 2026
चुनाव आयोग से सिर्फ 100 मीटर पहले रोका गया
दरअसल, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और इंडिया ब्लॉक (INDIA Block) के दूसरे सांसद संसद से चुनाव आयोग के दफ्तर की तरफ मार्च करते हुए पहुंचे थे। लेकिन उन्हें आगे जाने से रोक दिया गया।
विपक्षी नेताओं को आकाशवाणी भवन के पास रोका गया। बताया गया कि चुनाव आयोग का दफ्तर वहां से करीब 100 मीटर की दूरी पर ही है। इसके बाद कई विपक्षी नेता पास के आकाशवाणी भवन में धरने पर बैठ गए।
विपक्षी सांसदों का कहना है कि वे चुनाव आयुक्तों से मुलाकात कर वोटर लिस्ट और एसआईआर से जुड़े अपने सवाल रखना चाहते हैं और इसी उद्देश्य से वे चुनाव आयोग के दफ्तर की तरफ बढ़ रहे थे।
धारा 163 के आदेश, कई नेता हिरासत में
आकाशवाणी भवन के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी बीएनएसएस (BNSS) की धारा 163 के तहत रोक के आदेश लागू थे। पुलिस ने वहां मौजूद यूथ कांग्रेस (Youth Congress) और एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ताओं से जगह खाली करने को कहा।
पुलिस की ओर से चेतावनी दी गई कि आदेश नहीं मानने पर उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है। इसके बाद कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस बस में ले जाया गया।
प्रदर्शन के दौरान सीपीआई(एम) के सांसद जॉन ब्रिट्टास और वी. शिवदासन समेत कुछ अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिया गया।
‘आयोग बिल्कुल पास, फिर भी जाने नहीं दिया’
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी इस कार्रवाई पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग बिल्कुल पास है, लेकिन विपक्ष के नेता को ज्ञापन देने तक वहां जाने नहीं दिया जा रहा।
पवन खेड़ा ने सरकार पर डरने का आरोप लगाया। विपक्ष का कहना है कि उसके सांसद चुनाव आयोग से मिलने और वोटर लिस्ट तथा एसआईआर को लेकर अपने सवाल रखने के लिए पहुंचे थे, लेकिन उन्हें आयोग के दफ्तर तक पहुंचने से रोक दिया गया।
रांची में भी कांग्रेस का प्रदर्शन तेज
दिल्ली के साथ झारखंड की राजधानी रांची में भी चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता झंडे और बैनर लेकर धुर्वा स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर पहुंचे।
यहां प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार की और उसे तोड़ते हुए मुख्य गेट तक पहुंच गए। प्रदर्शन के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी के बोर्ड पर कालिख पोत दी गई।
इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने दफ्तर के प्रवेश द्वार पर बीजेपी कार्यालय का पोस्टर भी लगा दिया।
EC पर BJP कार्यालय की तरह काम करने का आरोप
यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुमार गौरव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का दफ्तर बीजेपी कार्यालय की तरह काम कर रहा है।
रांची के प्रदर्शन में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय भी शामिल हुए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हैं।
8 अक्टूबर को फिर मार्च की तैयारी
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग के खिलाफ उसका विरोध आगे भी जारी रहेगा।
इंडिया ब्लॉक के नेता अब 8 अक्टूबर को भी मार्च करने की तैयारी में हैं। ऐसे में मंगलवार को राहुल गांधी के वीडियो के जरिए उठाया गया सवाल आने वाले दिनों में विपक्ष के आंदोलन का बड़ा मुद्दा बन सकता है।
