Greater Noida Bus Fire: आधी रात बस में लगी भीषण आग, 9 यात्रियों की दर्दनाक मौत !

Greater Noida Bus Fire: आधी रात बस में लगी भीषण आग, 9 यात्रियों की दर्दनाक मौत !

Greater Noida Bus Fire:  यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात चलती स्लीपर बस में लगी भीषण आग ने कई परिवारों को कभी न भूलने वाला दर्द दे दिया। दिल्ली से महोबा जा रही राज कल्पना ट्रैवल्स की बस में करीब 11:30 बजे जेवर थाना क्षेत्र के पास आग लगी। देखते ही देखते बस आग के गोले में बदल गई। इस हादसे में 9 यात्रियों की मौत हुई, जबकि कई अन्य घायल हुए।

हादसे के बाद सामने आए वीडियो में बस धधकती हुई नजर आ रही है। चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल था और यात्री अपनी जान बचाने के लिए किसी तरह बस से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। कुछ यात्रियों ने खिड़कियों से कूदकर जान बचाई।

‘जूते तक नहीं पहन पाई, सिर्फ फोन लेकर निकली’

हादसे से बचीं रिंकी राजपूत ने उस खौफनाक रात की आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि वह बस में सो रही थीं। अचानक किसी ने दरवाजा बजाया। जब वह उठीं तो बस में अफरा-तफरी मच चुकी थी।

रिंकी के मुताबिक, बाहर निकलने की कोशिश के दौरान बस में इतना धुआं भर चुका था कि कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। यात्री एक-दूसरे को धक्का देकर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि हालात इतने भयावह थे कि वह अपना कोई सामान नहीं उठा सकीं। यहां तक कि जूते भी नहीं पहन पाईं और सिर्फ अपना फोन लेकर बाहर निकलने की कोशिश की।

रिंकी के मुताबिक, भीड़ के बीच किसी ने उन्हें खींचकर बस से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें ज्यादा कुछ याद नहीं है। उनके अनुसार आग बस के आगे वाले हिस्से में, ड्राइवर के पास लगी थी।

एक अन्य यात्री ने बताया कि वह बस की सबसे पीछे वाली सीट पर सो रहा था। अचानक आग लगने की जानकारी मिली तो उसने बाहर निकलने की कोशिश की।
उसके मुताबिक, तब तक बस में धुआं तेजी से भर चुका था। यात्रियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति थी और हर कोई किसी तरह बाहर निकलना चाहता था। वह भी लोगों के बीच से धक्का देकर बाहर आया।

यात्री ने बताया कि आग बस के आगे की ओर लगी थी और पीछे बैठे लोगों के लिए भी बाहर निकलना आसान नहीं था। धुएं के कारण अंदर कुछ दिखाई नहीं दे रहा था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लिया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लेते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज तथा प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

FIR में बड़ा आरोप: आग से पहले आ रही थी जलने की बदबू

हादसे के बाद दर्ज FIR ने घटना को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यात्री सुनील कुमार की शिकायत के आधार पर दर्ज मामले में आरोप लगाया गया है कि आग लगने से पहले ही बस में जलने जैसी बदबू आ रही थी।
शिकायत के मुताबिक, बस में करीब 30-35 यात्री सवार थे। यमुना एक्सप्रेसवे पर सफर के दौरान यात्रियों को ड्राइवर के केबिन की तरफ से जलने की गंध महसूस हुई। यात्रियों ने कथित तौर पर चालक और परिचालक को इसकी जानकारी दी और बस रोककर जांच करने को कहा।

FIR में आरोप है कि चालक ने इस शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और कहा कि बस में ऐसी गंध आती रहती है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि चालक और परिचालक केबिन में बीड़ी-सिगरेट पी रहे थे। ये आरोप पुलिस जांच के दायरे में हैं।

‘ड्राइवर की सीट के पास से निकली आग की लपटें’

सुनील कुमार की शिकायत के अनुसार, कुछ देर बाद ड्राइवर की सीट के पास से अचानक तेज आग की लपटें निकलने लगीं। यात्रियों ने शोर मचाकर बस रोकने की मांग की।

FIR में आरोप लगाया गया है कि बस को रोकने में देरी हुई और तब तक आग तेजी से फैल गई। देखते ही देखते यात्री डिब्बे में धुआं भर गया और यात्रियों को बाहर निकलने में मुश्किल होने लगी।

हालांकि, पुलिस अभी यह जांच कर रही है कि आग वास्तव में किस वजह से लगी और चालक-परिचालक के खिलाफ लगाए गए आरोपों की सच्चाई क्या है।

9 यात्रियों की मौत, कई घायल

बस रुकने के बाद कुछ यात्री खिड़कियों और दरवाजे से बाहर निकलने में सफल रहे। कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए बस से छलांग लगा दी। लेकिन आग और धुएं की वजह से कुछ यात्री अंदर ही फंस गए।

घायलों को कैलाश अस्पताल, जेवर समेत नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया। अस्पताल में 9 यात्रियों को मृत घोषित किए जाने की जानकारी सामने आई है। मृतकों में महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल होने की रिपोर्ट है।

बस में रह गए मोबाइल, बैग और सामान

हादसे में यात्रियों का सामान भी जलकर राख हो गया। शिकायत के मुताबिक, बस के अंदर रखे बैग, मोबाइल फोन और अन्य सामान आग में नष्ट हो गए। कुछ सामान बस के लगेज हिस्से और छत पर भी रखा था।

प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से यह साफ होता है कि आग लगने के बाद यात्रियों के पास अपना सामान बचाने का समय लगभग नहीं था। ज्यादातर लोगों की पहली कोशिश किसी तरह बस से बाहर निकलकर जान बचाने की थी।

आग की वजह अभी जांच का विषय

आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। बस को ठंडा करने के बाद घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए।

आग का वास्तविक कारण अभी आधिकारिक जांच का विषय है। पुलिस यात्रियों के बयान, बस की स्थिति और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

 

 

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