
Lucknow News: SIR पर ओपी राजभर का विपक्ष पर हमला, बोले- आरोप लगाने वाले प्रमाण भी दें !
लोकेशन- लखनऊ
रिपोर्टर- सुभाषचंद्र
Lucknow News: कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन आरोप लगाने के साथ उसके प्रमाण भी दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि एक भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटना चाहिए। यदि किसी पात्र मतदाता का नाम छूट गया है तो इसकी जानकारी चुनाव आयोग को दी जानी चाहिए।
ओपी राजभर ने कहा कि SIR को लेकर गलत माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने सपा और कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि यदि उन्हें कहीं गड़बड़ी दिखाई दे रही है तो उसके सबूत सामने रखें। उन्होंने कहा कि विरोध करना है तो लोकतांत्रिक तरीके से किया जाए और राजनीतिक लड़ाई राजनीतिक मुद्दों पर ही लड़ी जानी चाहिए।
ईवीएम के बाद अब संवैधानिक प्रक्रिया पर सवाल का आरोप
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पहले विपक्ष की ओर से ईवीएम को लेकर सवाल उठाए गए थे, लेकिन जब विपक्षी दलों के उम्मीदवार ईवीएम के जरिए चुनाव जीते तो जनता ने उन आरोपों को स्वीकार नहीं किया। अब संवैधानिक प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्रों से मृतक और वहां से स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के नाम हटाए जाने चाहिए। राजभर ने विपक्ष पर फर्जी मतदान को लेकर भी आरोप लगाए और कहा कि यदि किसी को आपत्ति है तो वह प्रमाण के साथ सामने आए।
परिवारवाद को लेकर भी साधा निशाना
ओपी राजभर ने परिवारवाद के मुद्दे पर भी विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि यदि परिवार के किसी व्यक्ति को केवल रिश्तेदारी के आधार पर आगे बढ़ाया जाता है तो इसे परिवारवाद कहा जा सकता है, लेकिन कोई व्यक्ति लंबे समय से पार्टी के लिए काम कर रहा है और उसे जिम्मेदारी मिलती है तो इसे परिवारवाद नहीं कहा जाना चाहिए।
उन्होंने लोहिया ट्रस्ट का जिक्र करते हुए भी सपा पर परिवारवाद का आरोप लगाया और कहा कि ट्रस्ट में शामिल लोगों में बड़ी संख्या सपा परिवार से जुड़े यादवों की है।
CAA और वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस-सपा को घेरा
राजभर ने कांग्रेस और सपा पर CAA को लेकर किए गए पुराने दावों का जिक्र करते हुए कहा कि इन दलों ने इसे नागरिकता छीनने वाला कानून बताया था। उन्होंने सवाल किया कि कानून लागू होने के बाद क्या किसी एक नागरिक का नाम बताया जा सकता है, जिसे देश से बाहर निकाला गया हो।
उन्होंने वोट चोरी के मुद्दे पर भी कांग्रेस पर आरोप लगाया। साथ ही कहा कि राजनीतिक दलों को जनता के बीच जाकर अपना पक्ष रखना चाहिए। उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्षी गठबंधन के नेताओं को जनता के मुद्दों पर काम करना चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ओपी राजभर ने वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की जांच, विपक्षी दलों की राजनीति और इंडिया गठबंधन को लेकर भी कई बयान दिए।
