
Brij Bhushan Sharan Singh: महिला पहलवानों की अपील पर दिल्ली कोर्ट ने जारी किया नोटिस !
Brij Bhushan Sharan Singh: पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में महिला पहलवानों की ओर से दायर अपील पर दिल्ली की एक कोर्ट ने सोमवार को नोटिस जारी किया। चार महिला पहलवानों ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न के मामले में बरी कर दिया गया था।
इस अपील में WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को आपराधिक धमकी के आरोप से बरी किए जाने को भी चुनौती दी गई है। स्पेशल जज दिग विनय सिंह ने बृजभूषण शरण सिंह, विनोद तोमर और राज्य को नोटिस जारी किया है। मामले में अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।
25 सितंबर को दाखिल की गई अपील
महिला पहलवानों की ओर से आपराधिक अपील 25 सितंबर को दाखिल की गई थी। इसमें मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए कहा गया है कि बरी किए जाने का फैसला कानून की कसौटी पर टिकने वाला नहीं है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि निचली अदालत ने उपलब्ध सबूतों को सही तरीके से नहीं देखा। याचिका के मुताबिक, फैसले में सबूतों की स्पष्ट रूप से गलत और चुनिंदा तरीके से व्याख्या की गई और कई निष्कर्ष अनुमान तथा अटकलों पर आधारित थे।
महिला पहलवानों ने यह भी दावा किया है कि मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कानून के स्थापित और बाध्यकारी सिद्धांतों को सही तरीके से लागू नहीं किया।
3 अगस्त को बृजभूषण शरण सिंह हुए थे बरी
इस साल 3 अगस्त को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह को यौन उत्पीड़न के मामले में बरी कर दिया था। यह मामला छह महिला पहलवानों की शिकायत पर दर्ज किया गया था। इनमें वर्ल्ड चैंपियनशिप की पदक विजेता विनेश फोगाट भी शामिल थीं।
मजिस्ट्रेट कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह को बरी करते हुए सबूतों की कमी का हवाला दिया था। अदालत ने WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को भी बरी कर दिया था। अब चार महिला पहलवानों ने इसी फैसले को दिल्ली की अदालत में चुनौती दी है।
पीड़ितों के व्यवहार को लेकर निचली कोर्ट पर सवाल
महिला पहलवानों की अपील में निचली कोर्ट के फैसले को लेकर गंभीर आपत्ति जताई गई है। याचिका में दावा किया गया है कि मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले का एक बड़ा हिस्सा यौन उत्पीड़न और यौन हमले की पीड़ित महिलाओं से जुड़े पुराने और रूढ़िवादी नजरिए पर आधारित था।
याचिका के मुताबिक, कोर्ट ने पीड़ितों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सबूतों का निष्पक्ष और तथ्य आधारित आकलन करने के बजाय इस बात पर ज्यादा भरोसा किया कि यौन उत्पीड़न की पीड़ित से किस तरह के व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। महिला पहलवानों ने अपनी अपील में कहा है कि इस तरह के नजरिए से मामले में मौजूद सबूतों का सही मूल्यांकन प्रभावित हुआ।
अब 9 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
दिल्ली की स्पेशल कोर्ट ने महिला पहलवानों की अपील पर बृजभूषण शरण सिंह, विनोद तोमर और राज्य को नोटिस जारी कर दिया है। अब सभी पक्षों का जवाब सामने आने के बाद मामले में आगे की कार्यवाही होगी।
मामले को आगे की सुनवाई के लिए 9 अक्टूबर को लिस्टेड किया गया है। फिलहाल कोर्ट की ओर से मजिस्ट्रेट कोर्ट के बरी करने के फैसले पर कोई अंतिम बदलाव नहीं किया गया है। चार महिला पहलवानों की अपील के बाद अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया दिल्ली की अदालत में जारी रहेगी।
