
Samrat Choudhary Helicopter Incident: वैशाली में बड़ा हादसा टला, सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर 10 मिनट तक हवा में फंसा
Samrat Choudhary Helicopter Incid0ent: बिहार के वैशाली जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। सूबे के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यक्रम स्थल पर उस समय अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब उनका हेलीकॉप्टर टेकऑफ करने के तुरंत बाद आसमान में ही लटक गया। देखते ही देखते करीब 5 से 10 मिनट तक हेलीकॉप्टर हवा में एक ही जगह डोलता रहा। यह खौफनाक नजारा देखकर वहां मौजूद हर शख्स की सांसें ऊपर की ऊपर अटक गईं। जब पायलट ने संतुलन खोते हुए हेलीकॉप्टर को धीरे-धीरे वापस नीचे उतारना शुरू किया, तो मैदान में खड़े लोगों और वीआईपी मेहमानों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। खतरे की घंटी बजते ही स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स के जवान तुरंत अलर्ट मोड पर आ गए।
स्टेडियम में मची भगदड़
यह पूरी घटना हाजीपुर के प्रसिद्ध अक्षयवट राय स्टेडियम की है। हेलीकॉप्टर को अनियंत्रित होकर नीचे आता देख वहां मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने मोर्चा संभाला और मैदान में मौजूद भीड़ को फौरन पीछे धकेलना शुरू कर दिया। दहशत का आलम यह था कि पल-पल की रिपोर्टिंग कर रहे मीडिया चैनल्स के पत्रकार और कैमरामैन भी अपना साजो-सामान छोड़कर सुरक्षित जगहों की तरफ भागने लगे। हर किसी के जेहन में अनहोनी का डर बैठ गया था। हालांकि, कुछ मिनटों तक हवा में गोते खाने और जमीन के करीब आने के बाद पायलट ने सूझबूझ दिखाई और हेलीकॉप्टर पर दोबारा नियंत्रण पा लिया, जिसके बाद वह आगे की तरफ बढ़ सका।
शुरुआती तौर पर यह गहरा अंदेशा जताया जा रहा है कि वीआईपी हेलीकॉप्टर के इंजन या विंग्स में अचानक कोई गंभीर तकनीकी खराबी आ गई थी। हालांकि, इस बेहद संवेदनशील मामले पर अभी तक सरकार या नागरिक उड्डयन विभाग की तरफ से कोई भी आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। लेकिन जिस खतरनाक तरीके से यह सरकारी हेलीकॉप्टर आसमान में हिचकोले खा रहा था, उसे देखकर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। गनीमत रही कि पायलट ने वक्त रहते संतुलन बहाल कर लिया और इसके बाद हेलीकॉप्टर सुरक्षित तरीके से पटना के लिए रवाना हो गया, जिससे एक बहुत बड़ा विमान हादसा होने से बाल-बाल टल गया।
पहली बार हाजीपुर आगमन
सम्राट चौधरी पहली बार हाजीपुर के दौरे पर आए थे। उनके इस पहले आगमन को लेकर सुबह से ही पूरे शहर को छावनी में बदल दिया गया था और चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल के साथ बड़े अधिकारियों की तैनाती की गई थी। अक्षयवट राय स्टेडियम में कदम रखते ही एनडीए के तमाम विधायकों, बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फूलों के विशाल हार पहनाकर उनका बेहद भव्य स्वागत किया। इस दौरान भारी बारिश और खराब मौसम के बावजूद अपने चहेते नेता की एक झलक पाने के लिए हजारों की तादाद में आम जनता और समर्थक स्टेडियम में डटे हुए थे।
डिजिटल रजिस्ट्री की सौगात
स्टेडियम में स्वागत समारोह के बाद सीएम सीधे जिला निबंधन कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने वैशाली के नागरिकों के लिए विकास योजनाओं का पिटारा खोल दिया। उन्होंने ‘सबका सम्मान जीवन आसान’ नाम के एक बेहद महत्वाकांक्षी अभियान का आगाज किया। इसके तहत अब पूरे जिले में जमीन की पेपरलेस रजिस्ट्री की शुरुआत हो गई है, जिससे लोगों के कीमती दस्तावेज हमेशा के लिए डिजिटल लॉकर में पूरी तरह सुरक्षित हो जाएंगे। इसके साथ ही अब जमीन के सही म्यूटेशन के लिए जीआईएस (GIS) सैटेलाइट तकनीक की मदद से सीधे घटना स्थल का सटीक मुआयना किया जाएगा, जिससे धोखाधड़ी पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
बुजुर्गों को घर बैठे सेवा
इस सरकारी दौरे में सरकार ने सबसे बड़ा तोहफा सूबे के सीनियर सिटीजंस को दिया है। नए नियमों के मुताबिक, अब 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्ग नागरिकों को जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए लाठी टेकते हुए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की कोई जरूरत नहीं होगी। इस योजना के तहत अब रजिस्ट्री ऑफिस के कर्मचारी खुद चलकर उन बुजुर्गों के घर पहुंचेंगे और घर बैठे ही बायोमेट्रिक तरीके से जमीन का रजिस्ट्रेशन पूरा करेंगे। इस ऐतिहासिक फैसले की चारों तरफ जमकर तारीफ हो रही है, लेकिन लौटते वक्त हुए इस हेलीकॉप्टर विवाद ने पूरी महफिल में तनाव पैदा कर दिया।
