
Modi Cabinet Meeting: पीएम मोदी की अध्यक्षता में अहम कैबिनेट बैठक जारी, पेपर लीक पर हो सकते हैं बड़े फैसले
Modi Cabinet Meeting: देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक (Paper Leak) को लेकर बढ़ते विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की अध्यक्षता में कैबिनेट (Cabinet) की महत्वपूर्ण बैठक जारी है।
पेपर लीक से जुड़े संशोधन विधेयक को मोदी कैबिनेट से मंजूरी
पेपर लीक (Paper Leak) से जुड़े संशोधन विधेयक को मोदी कैबिनेट (Modi Cabinet) से मंजूरी मिल गई है। सूत्रों के मुताबिक, नए विधेयक में पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ बेहद सख्त प्रावधान शामिल किए गए हैं। स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Court) को 3 महीने के भीतर जांच पूरी कर फैसला सुनाना होगा। साथ ही दोषियों के लिए 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने पर मंथन जारी
सरकार के विभिन्न नेताओं की तरफ से पहले ही संकेत दिए जा चुके हैं कि इस कैबिनेट बैठक में प्रतियोगी परीक्षाओं (Competitive Examinations) को अधिक पारदर्शी बनाने के उपायों पर चर्चा की जा रही है। इसे लेकर ऐसा माना जा रहा है कि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने तथा भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए नए सुझावों पर विचार किया जा रहा है। बैठक में इस बात पर भी मंथन संभव है कि नियमों को और प्रभावी कैसे बनाया जाए, ताकि परीक्षा प्रक्रिया पर लोगों का भरोसा और मजबूत हो सके।
पुराने कानून में संशोधन पर भी हो सकती है चर्चा
सूत्रों के अनुसार कैबिनेट बैठक में पुराने कानून (Law) में संशोधन कर उसे और ज्यादा सख्त बनाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा सकता है। कानून के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से समीक्षा होने की संभावना है। बैठक में शामिल अलग-अलग मंत्री कानून के प्रारूप में संभावित बदलावों पर अपने सुझाव रख सकते हैं, ताकि पेपर लीक जैसे मामलों पर और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
प्रधानमंत्री पहले ही दे चुके हैं सख्त कानून का संकेत
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने देर रात अपने संदेश में स्पष्ट संकेत दिए थे कि पेपर लीक जैसे मामलों से सख्ती से निपटने के लिए और कड़े कानून लाए जाएंगे। उनका कहना था कि नियमों और कानूनों में अधिक पारदर्शिता लाना सरकार की प्राथमिकता है। ऐसे में अब सभी की नजर इस कैबिनेट बैठक पर टिकी हुई है, जहां परीक्षा व्यवस्था और कानून में संभावित बदलावों को लेकर महत्वपूर्ण फैसलों पर चर्चा हो सकती है।
