
CJP Protest: पेपर लीक विवाद के बीच सरकार का मास्टरस्ट्रोक, कानून से लेकर प्रशासन तक हुए बड़े बदलाव
CJP Protest: नीट पेपर लीक (Neet Paper Leak) और परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने गुरुवार देर रात एक साथ तीन बड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने राजनीतिक बातचीत, सख्त कानून और प्रशासनिक बदलाव के जरिए छात्रों और आम लोगों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बहाल करने की कोशिश की है। इन तीनों कदमों को अब तक की सबसे बड़ी और व्यापक पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
वांगचुक ने खत्म किया 26 दिन का अनशन
सरकार की राजनीतिक पहल के तहत सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने अपना 26 दिनों से जारी अनशन खत्म कर दिया है। वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा (JP Nadda), जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh) और लेह एपेक्स बॉडी (Leh Apex Body) के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हुई लंबी बातचीत के बाद अनशन तोड़ने का फैसला लिया।
वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश में हिंसा की आशंका को देखते हुए उन्होंने यह कदम उठाया है। उन्होंने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि समझौते से जुड़ी विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी।
सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने भी प्रतिक्रिया दी। प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं सोनम जी से अनुरोध करता हूं कि वह चिकित्सकों की सलाह मानें और अपना वजन फिर से पुरानी स्थिति में लायें। मैं प्रार्थना करता हूं कि वह स्वस्थ रहें।”
इससे पहले केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो (Gitanjali Angmo) और अन्य लोगों की मौजूदगी में उन्हें सरकार की ओर से भरोसा दिलाया था। नड्डा ने कहा था कि सरकार दिल्ली के जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन करने वालों और 20 जुलाई 2026 को संसद तक मार्च में शामिल होने वाले लोगों के खिलाफ मामले दर्ज न करने को लेकर सकारात्मक रुख अपना रही है।
पेपर लीक पर केंद्र लाएगा और सख्त कानून
सरकार ने परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए दूसरा बड़ा कदम कानून के स्तर पर उठाने का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि पेपर लीक (Paper Leak) और परीक्षा में धोखाधड़ी (Exam Fraud) करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार नया कानून लाएगी।
सरकार की इस पहल का उद्देश्य पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों पर लगाम लगाना है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 (Public Examinations Prevention of Unfair Means Act, 2024) में संशोधन करने की तैयारी कर रही है।
यह संशोधन कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (Department of Personnel and Training) यानी डीओपीटी (DoPT) की ओर से लाया जाएगा। प्रस्तावित बदलावों के तहत संगठित नकल (Organized Cheating) और पेपर लीक के मामलों में पहले से ज्यादा कड़ी सजा का प्रावधान किया जा सकता है। इसके अलावा भारी जुर्माने और जांच व कार्रवाई के लिए एक तय समय-सीमा का प्रावधान भी किए जाने की बात सामने आ रही है।
सरकार का मानना है कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले संगठित गिरोहों पर सख्त कार्रवाई के लिए मौजूदा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। इसी वजह से कानून में बदलाव को परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को हटाया गया
केंद्र सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा बदलाव किया है। गुरुवार देर रात हुए एक बड़े नौकरशाही फेरबदल (Bureaucratic Reshuffle) में उच्च शिक्षा सचिव (Higher Education Secretary) विनीत जोशी (Vineet Joshi) को उनके पद से हटा दिया गया है।
उनकी जगह अब नरेश पाल गंगवार (Naresh Pal Gangwar) को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया है। परीक्षा प्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों, संसद में हो रहे हंगामे और विपक्ष के लगातार हमलों के बीच इस बदलाव को बड़े प्रशासनिक रीसेट (Administrative Reset) के तौर पर देखा जा रहा है।
सरकार ने एक साथ तीन मोर्चों पर दिया बड़ा संदेश
नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak) और परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने एक साथ राजनीतिक, कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की है। एक तरफ सरकार ने बातचीत के जरिए सोनम वांगचुक का 26 दिनों से जारी अनशन खत्म कराया है, वहीं दूसरी तरफ पेपर लीक और परीक्षा में धोखाधड़ी के खिलाफ और सख्त कानून लाने का ऐलान किया है।
इसके साथ ही उच्च शिक्षा सचिव को हटाकर प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार का मानना है कि परीक्षा प्रणाली की सत्यनिष्ठा (Integrity of Examination System) अभी भी बरकरार है, लेकिन लगातार उठ रहे सवालों के बीच राजनीतिक संवाद, विधायी पहल और प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए छात्रों और जनता का भरोसा दोबारा हासिल करना जरूरी है।
इन तीनों फैसलों के जरिए केंद्र सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि नीट और अन्य परीक्षाओं को लेकर उठ रहे सवालों को गंभीरता से लिया जा रहा है और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सरकार राजनीतिक बातचीत, सख्त कानून और प्रशासनिक बदलाव तीनों स्तरों पर कार्रवाई कर रही है।
