Rahul Gandhi Chhatron Ki Goonj: 19 सितंबर के कार्यक्रम के लिए कांग्रेस ने तेज किया छात्र संपर्क अभियान

Rahul Gandhi Chhatron Ki Goonj: 19 सितंबर के कार्यक्रम के लिए कांग्रेस ने तेज किया छात्र संपर्क अभियान

Rahul Gandhi Chhatron Ki Goonj: राहुल गांधी के 19 सितंबर को इंदौर में होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने अब मैदान के साथ-साथ डिजिटल स्तर पर भी छात्र और युवा संपर्क अभियान तेज कर दिया है। बुरहानपुर में कांग्रेस कार्यकर्ता छात्रों और युवाओं तक पहुंचकर QR कोड के जरिए रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। कॉलेज, कोचिंग संस्थानों और घर-घर संपर्क के जरिए युवाओं को कार्यक्रम से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

कांग्रेस का फोकस सिर्फ इंदौर तक सीमित नहीं है। पार्टी आसपास के जिलों से भी छात्रों की भागीदारी बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। बुरहानपुर में QR कोड के जरिए पंजीयन इसी व्यापक मोबिलाइजेशन अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी का लक्ष्य युवाओं को सीधे राहुल गांधी के छात्र संवाद से जोड़ना और शिक्षा, रोजगार तथा प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक बहस का हिस्सा बनाना है।

नेहरू स्टेडियम से ‘भारत जोड़ो मैदान’ तक बदली रणनीति

राहुल गांधी का कार्यक्रम पहले 12 सितंबर को इंदौर के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित था। अनुमति नहीं मिलने के बाद कांग्रेस ने तारीख बढ़ाकर 19 सितंबर कर दी। अब पार्टी ने रीजनल पार्क के सामने 12,000 वर्गमीटर जमीन तीन दिन के लिए ली है। इसके लिए इंदौर विकास प्राधिकरण को 10.08 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। कांग्रेस ने नए स्थल को ‘भारत जोड़ो मैदान’ नाम दिया है।

कांग्रेस का दावा है कि कार्यक्रम के लिए करीब 1.5 लाख रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। इससे पहले पार्टी ने QR कोड जारी कर युवाओं से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अपील की थी। 8 सितंबर तक ही एक लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन का दावा किया गया था।

राहुल ने छात्रों से पूछा- सपनों के रास्ते में क्या रुकावट है?

राहुल गांधी ने इंदौर कार्यक्रम को सिर्फ एक राजनीतिक सभा के बजाय छात्र संवाद के रूप में पेश करने की कोशिश की है। उन्होंने छात्रों और Gen-Z युवाओं से शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा, हॉस्टल, पढ़ाई के दबाव और करियर से जुड़ी समस्याओं पर खुलकर अपनी बात रखने की अपील की है।

‘छात्रों की गूंज’ अभियान में कांग्रेस पेपर लीक, महंगी शिक्षा, सरकारी भर्तियों में कथित अनियमितताओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठा रही है। इंदौर इसका पांचवां संस्करण होगा। इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में कार्यक्रम हो चुके हैं। पुणे में 22 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम महिला छात्रों पर केंद्रित था।

BJP-कांग्रेस में बढ़ी सियासी तकरार

कार्यक्रम का स्थल बदलने के साथ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। कांग्रेस ने स्टेडियम की अनुमति नहीं मिलने को लेकर मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। वहीं भाजपा ने कांग्रेस पर प्रचार की राजनीति करने का आरोप लगाया है। भाजपा नेता आलोक दुबे ने कार्यक्रम का नाम ‘छात्रों की गूंज’ के बजाय ‘झूठ की गूंज’ रखने तक का तंज कसा है।

ऐसे में बुरहानपुर में QR कोड से शुरू हुआ छात्र पंजीयन अभियान सिर्फ स्थानीय संगठनात्मक गतिविधि नहीं, बल्कि कांग्रेस की उस रणनीति का हिस्सा दिख रहा है जिसमें डिजिटल रजिस्ट्रेशन को जमीनी भीड़ में बदलकर राहुल गांधी के छात्र संवाद को बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की जा रही है।

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