
(Dollar vs Rupee): डॉलर के आगे धराशायी रुपया! बुधवार को फिर टूटा रिकॉर्ड, पहुंचा नए ऑल टाइम लो पर
(Dollar vs Rupee): बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया (Dollar vs Rupee) फिर से फिसल गया, जिससे ये नए रिकॉर्ड लो पर पहुंच गया। बीते कई दिन से रुपये में गिरावट जारी है। ये सिलसिला आज भी बरकरार रहा। हाल के दिनों में गिरावट के चलते डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार नए-नए ऑल-टाइम लो लेवल पर फिसला है और भी आज भी ऐसा ही हुआ है। कितनी आई है रुपये में गिरावट और कहां तक फिसल गया इसका भाव, आइए जानते हैं।
97 रुपये के करीब पहुंचा डॉलर
20 मई को भारतीय रुपया 33 पैसे गिरकर एक नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँच गया। वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेजी और ब्रेंट क्रूड की लगातार बढ़ती कीमतों ने रुपये के प्रति मार्केट के रुख को कमजोर कर दिया ।भारतीय करेंसी पिछले ट्रेडिंग सेशन के 96.53 रुपये प्रति डॉलर के मुकाबले 33 पैसे गिरकर 96.86 रुपये प्रति डॉलर पर खुली और पौने 10 बजे ये तक 96.90 के भाव कर गयी।
डॉलर के मुकाबले 96.90 का लेवल रुपये के लिए आज तक का सबसे निचला स्तर है।
एशिया की सबसे कमजोर करेंसियों में से एक
रुपया उभरती हुई एशियाई करेंसियों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली करेंसी बनकर सामने आया है, जो कि इस साल की शुरुआत से अब तक 7 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुका है। इसी हफ्ते में अब तक रुपया करीब 0.7 प्रतिशत फिसल चुका है।
तेल और यूएस ट्रेजरी-यील्ड का असर
ब्रेंट क्रूड की कीमतें $111 प्रति बैरल के आस-पास बनी रहीं। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन दोनों पक्ष किसी पक्की डील पर पहुंचने में हिचकिचा रहे हैं।
इसके अलावा, US की 10-साल की ट्रेजरी यील्ड 4.5 प्रतिशत से ऊपर चली गई है, जबकि 30-साल की यील्ड 5.1 प्रतिशत के पार पहुंच गई है, जो लगभग 19 सालों में इसका सबसे ऊंचा स्तर है। इससे पता चलता है कि निवेशकों ने अमेरिका में महंगाई के और अधिक बने रहने की संभावना के मद्देनजर प्लानिंग शुरू कर दी है।
मिडिल ईस्ट संकट के बाद कितनी गिरावट?
फरवरी में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक रुपया 6 फीसदी फिसल चुका है। इसी अवधि के दौरान, विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों और बॉन्ड से 22 अरब डॉलर से अधिक की राशि निकाल ली है, जबकि ब्रेंट क्रूड की कीमतें 50% से अधिक बढ़ गई हैं।
