
Middle East तनाव का असर: Surat में LPG संकट से फैक्ट्रियां बंद, मजदूरों का पलायन
LPG crisis in Surat: मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव और एलपीजी संकट का असर अब भारत के कई हिस्सों में साफ दिखाई देने लगा है। खासकर औद्योगिक शहर सूरत में हालात तेजी से बदल रहे हैं। गैस की कमी और उत्पादन में गिरावट के चलते कई फैक्ट्रियों पर ताले लगने लगे हैं, जिससे हजारों मजदूरों को मजबूरन अपने घरों की ओर पलायन करना पड़ रहा है। इस स्थिति का सीधा असर रेलवे स्टेशनों पर भी देखने को मिल रहा है, जहां यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
रविवार को सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब यूपी और बिहार जाने वाली ट्रेनों में सीट पाने के लिए हजारों लोग स्टेशन पहुंच गए। भीड़ इतनी अधिक थी कि स्थिति नियंत्रण से बाहर होती नजर आई। सुबह करीब 11:30 बजे उधना-हसनपुर ट्रेन के लिए यात्रियों को कतार में खड़ा किया जा रहा था, लेकिन कुछ लोगों ने लाइन तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद अफरा-तफरी मच गई और हालात बिगड़ते देख पुलिस और आरपीएफ को लाठीचार्ज करना पड़ा।
यात्री पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए लोहे की जालियों को पार कर रहे हैं और इधर-उधर भाग रहे हैं। इस दौरान भगदड़ जैसे हालात बन गए, जिससे यात्रियों में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया। रेलवे अधिकारी अनुभव सक्सेना के अनुसार, दोपहर तक छह ट्रेनों के माध्यम से 21,000 से अधिक यात्रियों को रवाना किया जा चुका था। इसके बावजूद भीड़ इतनी ज्यादा थी कि व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया। उन्होंने बताया कि यात्रियों से लगातार अनुशासन बनाए रखने की अपील की जा रही थी, लेकिन अव्यवस्था के कारण पुलिस को सख्त कदम उठाने पड़े।
इस भारी भीड़ के पीछे केवल गर्मियों की छुट्टियां ही कारण नहीं हैं, बल्कि पिछले एक-दो महीनों से जारी एलपीजी संकट ने भी स्थिति को गंभीर बना दिया है। गैस की कमी के कारण सूरत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री बुरी तरह प्रभावित हुई है। उत्पादन में भारी गिरावट आई है और लगभग 30 प्रतिशत यानी करीब 3 लाख मजदूर शहर छोड़ चुके हैं। पहले जहां रोजाना 6.5 करोड़ मीटर कपड़े का उत्पादन होता था, वह घटकर 4.5 करोड़ मीटर रह गया है। इंडस्ट्री को रोजाना लगभग 15,000 गैस सिलेंडरों की आवश्यकता होती है, लेकिन सप्लाई पर्याप्त नहीं मिल पा रही है। यदि हालात जल्द नहीं सुधरे, तो और अधिक मजदूरों के पलायन और उद्योग को भारी नुकसान होने की आशंका है।
