
Surat News: डमी मरीज भेजकर पुलिस ने किया भंडाफोड़, बिना मेडिकल डिग्री इलाज करने वाले 8 कथित फर्जी डॉक्टर गिरफ्तार
Surat News: सूरत के पांडेसरा इलाके में बिना मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री के मरीजों का इलाज करने के आरोप में पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, ये सभी अलग-अलग क्लीनिक संचालित कर रहे थे और लंबे समय से मरीजों का इलाज कर रहे थे। मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस ने पहले डमी मरीजों को क्लीनिक भेजकर पूरे मामले की पुष्टि की और इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर कार्रवाई की।
पुलिस को सूचना मिली थी कि पांडेसरा इलाके में कुछ लोग बिना जरूरी मेडिकल योग्यता के डॉक्टर बनकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं। सूचना की पुष्टि के लिए डमी मरीजों को संबंधित क्लीनिकों में भेजा गया। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद एसओजी और जिला स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने एक साथ 8 अलग-अलग क्लीनिकों पर छापेमारी की।
12वीं पास से लेकर BSc और पूर्व कंपाउंडर तक शामिल
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में कुछ केवल 12वीं तक पढ़े हैं, जबकि कुछ ने BSc की पढ़ाई की है। वहीं कुछ आरोपी पहले कंपाउंडर या ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट के तौर पर काम कर चुके थे। पुलिस का आरोप है कि बाद में इन लोगों ने खुद को डॉक्टर के तौर पर पेश करना शुरू कर दिया और मरीजों का इलाज करने लगे।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर करीब 2 साल से लेकर 10 साल तक बिना मान्य मेडिकल डिग्री के प्रैक्टिस कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान क्लीनिकों से दवाइयां, इंजेक्शन, सिरप और अन्य मेडिकल सामग्री बरामद की गई। पुलिस के मुताबिक, जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 98,825 रुपये है।
एक आरोपी पर 14 वर्षीय किशोर के इलाज से जुड़ा आरोप
गिरफ्तार आरोपियों में पार्थ देवनाथ का नाम भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, एक परिवार ने आरोप लगाया है कि पार्थ देवनाथ ने पहले 14 वर्षीय किशोर का इलाज किया था, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। हालांकि, किशोर की मौत और इलाज के बीच संबंध की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
इस मामले में पांडेसरा पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मौत की रिपोर्ट (ADR) दर्ज है। पुलिस फिलहाल यह जांच कर रही है कि किशोर की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या उसके इलाज का मौत से कोई संबंध था।
पुलिस कर रही है आगे की जांच
सूरत एसओजी के डीसीपी राजदीप सिंह नकुम के मुताबिक, एसओजी और जिला स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 8 कथित फर्जी डॉक्टरों को पकड़ा है। उन्होंने बताया कि कार्रवाई से पहले डमी मरीजों के जरिए जांच की गई थी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये लोग इतने लंबे समय तक बिना जरूरी मेडिकल योग्यता के क्लीनिक कैसे चलाते रहे और इनके पास कितने मरीज इलाज के लिए आते थे। सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं 14 वर्षीय किशोर की मौत से जुड़े मामले की जांच अलग से जारी है।
