
Lok Sabha Secretariat Director Suicide: लोकसभा सचिवालय के निदेशक गौरव गौतम ने की आत्महत्या, 15 पन्नों के सुसाइड नोट में आर्थिक तंगी का जिक्र
Lok Sabha Secretariat Director Suicide: लोकसभा सचिवालय में निदेशक पद पर कार्यरत 40 वर्षीय गौरव गौतम ने नोएडा के सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी स्थित अपने फ्लैट में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को मौके से 15 पन्नों का सुसाइड नोट मिला है। इस सुसाइड नोट मानसिक परेशानी का कारण और अपने आत्मघाती कदम के बारे में बताया है। इसमें उन्होंने लगभग 70 लाख रुपये के कर्ज और आर्थिक तंगी से जूझने का जिक्र किया है। प्रारंभिक जांच में किसी अन्य व्यक्ति पर आरोप नहीं लगाए जाने की बात सामने आई है।
मायके गई थी पत्नी, लौटी तो मिला शव
पुलिस के अनुसार, घटना का पता उस समय चला जब गौरव गौतम की पत्नी मायके से वापस घर लौटीं। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने और फोन का जवाब नहीं मिलने पर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद सोसाइटी के सुरक्षा गार्ड की मदद से फ्लैट का दरवाजा खोला गया। अंदर गौरव गौतम पंखे से लटके मिले।
परिजन उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
15 पन्नों के सुसाइड नोट में बताई परेशानी!
थाना फेस-2 पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके से 15 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नोट में गौरव गौतम ने अपनी मौत के लिए स्वयं को जिम्मेदार बताया है।
पुलिस के मुताबिक, उन्होंने लिखा है कि लगातार बढ़ते खर्च और आर्थिक दबाव के कारण उन पर करीब 70 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। इसी वजह से वह लंबे समय से मानसिक तनाव में थे।
किसी पर नहीं लगाया आरोप
पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में सुसाइड नोट में किसी व्यक्ति, संस्था या अन्य पक्ष पर आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराने जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। फिलहाल नोट की सामग्री और अन्य साक्ष्यों की विस्तृत जांच की जा रही है।
पुलिस क्या बोली?
थाना फेस-2 प्रभारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। घटनास्थल से 15 पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें आर्थिक तंगी और लगभग 70 लाख रुपये के कर्ज का उल्लेख है। परिजनों की ओर से अभी तक किसी के खिलाफ कोई शिकायत या आरोप नहीं लगाया गया है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
