
Meeting of the CJP: जंतर-मंतर आंदोलन के बाद CJP की बड़ी बैठक, संगठन विस्तार पर मंथन, पार्टी बनाने से इनकार
Meeting of the CJP: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) जंतर मंतर आंदोलन के बाद अपने संगठन के विस्तार और आगे की रणनीति को लेकर चर्चा करने वाली है। CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने कह दिया है कि वे राजनीतिक पार्टी बनाने पर विचार नहीं कर रहे हैं।
बैठक में पार्टी आगे क्या कदम उठाने वाली है, उसपर विस्तार से चर्चा होगी। CJP संस्थापक अभिजीत दिपके का कहना है कि इस बैठक में इथेनॉल-मिश्रित ईंधन और बढ़ती बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की जाएगी। अभिजीत दिपके का कहना है कि सोशल मीडिया पर लोग नया राजनीतिक विकल्प देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें ऐसा लगता है कि इस समय देश को किसी नई पार्टी से ज्यादा एक मजबूत जन आंदोलन की जरूरत है।
अभिजीत दिपके ने झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन को पूरा समर्थन दिया है। उन्होंने कहा, “हम निश्चित रूप से झारखंड जाएंगे। हम वहां विरोध कर रहे छात्रों के साथ खड़े हैं। हम उनकी हर मांग का समर्थन करते हैं।”
उनका कहना है कि झारखंड में चल रहे आंदोलन में पहले से उनके संगठन के कुछ सदस्य मौजूद हैं। और अगर आगे जरूरत पड़ी तो अन्य नेता भी झारखंड जाएंगे। CJP संस्थापक का कहना है कि झारखंड के छात्रों से उनकी फोन और वीडियो कॉल पर बातचीत हुई है और CJP उनकी सभी मांगों का पूरा समर्थन करती है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेकर सवाल पूछे जाने पर दिपके ने उन्हें अपना मेंटर बताया है। उनका कहना है कि वे उनके मेंटर हैं और हमेशा रहेंगे।
CJP की भूमिका स्पष्ट करते हुए दिपके ने कहा कि फिलहाल CJP एक प्रेशर ग्रुप की तरह काम करेगी। उनके मुताबिक इस समय भारत को एक प्रेशर ग्रुप की ही ज़रूरत है।
प्रदर्शन के दौरान घायल हुए लोगों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि संगठन पहले दिन से ही सभी घायल प्रदर्शनकारियों को कानूनी और चिकित्सीय सहायता दे रहा है।
