Mumbai Rain Crisis: 3 दिन की मूसलाधार बारिश से मुंबई तीन तरफ से घिरी, हाईवे बंद, भूस्खलन और जलभराव से हजारों लोग फंसे

Mumbai Rain Crisis: 3 दिन की मूसलाधार बारिश से मुंबई तीन तरफ से घिरी, हाईवे बंद, भूस्खलन और जलभराव से हजारों लोग फंसे

Mumbai Rain Crisis: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पिछले 3 दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को तीन तरफ से पूरी तरह से बंधक बना लिया है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, मुंबई-अहमदाबाद हाईवे और मुंबई-कोंकण मार्ग पर भयंकर जलभराव, खतरनाक भूस्खलन और मीलों लंबे ट्रैफिक जाम के कारण पूरा यातायात तंत्र बुरी तरह ध्वस्त हो गया है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि मुंबई की तरफ आने और यहां से जाने वाले हजारों बेकसूर लोग कई घंटों तक सड़कों पर ही फंसे रहने को मजबूर हो गए हैं।

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भारी बारिश के बीच हुए भूस्खलन की वजह से यातायात को पूरी तरह रोकना पड़ा। राहत और बचाव दल की भारी मशक्कत के बाद पुणे जाने वाली 3 लेन को धीरे-धीरे खोला जा सका, जबकि मुंबई की तरफ आने के लिए महज 1 लेन से ही गाड़ियों की आवाजाही को बहाल किया जा सका है।

रेलवे ट्रैक पर गिरा भारी मलबा

सड़कों के साथ-साथ पुणे से मुंबई आने वाली जीवनदायिनी ट्रेन सेवाएं भी इस आसमानी आफत के आगे बेबस नजर आईं। ठाकुरवाड़ी और मंकी हिल के दुर्गम इलाकों में अचानक बड़ा लैंडस्लाइड होने की वजह से पहाड़ों का भारी मलबा सीधे रेलवे ट्रैक पर आ गिरा, जिससे रेल यातायात को आनन-फानन में रोकना पड़ा। रेलवे प्रशासन, पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से युद्धस्तर पर मलबा हटाने का काम लगातार जारी है।

दूसरी तरफ, मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर मूसलाधार बारिश के चलते कई प्रमुख जगहों पर समंदर जैसा पानी भर गया है, जिससे गाड़ियों की मीलों लंबी कतारें लग गई हैं। प्रशासन सड़कों से जलभराव को बाहर निकालने की कोशिश में लगातार जुटा हुआ है, लेकिन ट्रैफिक की रफ्तार चींटी की गति से आगे बढ़ रही है।

यात्रियों की बढ़ी मुसीबत

गुजरात की दिशा से मुंबई की तरफ आने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को भी सुरक्षा के लिहाज से बीच रास्ते में ही रोकना पड़ा, जिसके कारण हजारों यात्री कई घंटों तक बोगियों के भीतर ही कैद रहे। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने यात्रियों को सुरक्षित निकालकर मुंबई तक पहुंचाने की कोशिश जरूर की, लेकिन सड़कों पर लगे महाजाम ने इस रेस्क्यू को बेहद मुश्किल बना दिया।

इसके अलावा कोंकण से मुंबई आने वाले मुख्य मार्ग पर नागोठणे के पास सड़क पूरी तरह तालाब में तब्दील हो गई, जिससे बेकसूर लोग 24 घंटे से भी ज्यादा समय से एक ही जगह पर फंसे हुए हैं। प्रशासन पानी निकालने की मशीनें तो लगा रहा है, लेकिन लगातार हो रही बारिश से स्थिति में अब तक कोई बड़ा सुधार नहीं दिख रहा है।

300 मिमी बारिश की बड़ी चेतावनी

इस भीषण संकट के बीच मौसम विभाग ने अगले 2 दिनों तक और ज्यादा भारी बारिश होने की बेहद डरावनी चेतावनी जारी कर दी है। प्रशासन ने आम जनता से सुरक्षित स्थानों पर ही रहने और बहुत ज्यादा जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सख्त अपील की है।

मौसम विभाग के अनुसार, नासिक और त्र्यंबकेश्वर के पूरे क्षेत्र में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। इन इलाकों में बादल फटने जैसी अति भयंकर बारिश होने की आशंका जताई गई है, जहां 300 मिमी से भी ज्यादा पानी बरसने का बड़ा अनुमान है। खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार की सुबह इस गंभीर स्थिति की पूरी जानकारी देश के साथ साझा की है।

सिस्टम की खुली पोल

लगातार लग रहे जाम और बंद पड़े रास्तों का सबसे दर्दनाक असर आम यात्रियों पर पड़ा है। सड़कों और ट्रेनों में घंटों फंसे रहने के कारण महिलाओं और छोटे बच्चों को खाने-पीने की चीजों और पीने के साफ पानी के लिए तरसना पड़ा। इस भयानक संकट ने मुंबई को जोड़ने वाले मुख्य रास्तों की बदहाली और सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है।

अहमदाबाद हाईवे के जानलेवा गड्ढे, एक्सप्रेसवे पर मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट के पास निर्माण की खराब गुणवत्ता और कोंकण हाईवे पर पिछले 17 वर्षों से लटका हुआ अधूरा काम आज करोड़ों लोगों के लिए जी का जंजाल बन चुका है। कमजोर जल निकासी और खराब ट्रैफिक मैनेजमेंट ने इस प्राकृतिक आपदा को एक बड़े इंसानी संकट में तब्दील कर दिया है।

 

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