
Gonda News:शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं, शिक्षा विभाग पर लापरवाही के आरोप
Gonda News: श्रावस्ती और गोंडा जनपद से जुड़ा शिक्षा विभाग का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें कर्नलगंज ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय इंद्रपाल पुरवा में कार्यरत एक शिक्षामित्र पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने का आरोप है। शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्राम पूरे अजब निवासी ज्ञान प्रकाश चौहान ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया कि पूनम देवी ने जाली अंकपत्र और प्रमाणपत्र के आधार पर शिक्षामित्र की नियुक्ति हासिल की है और अवैध रूप से मानदेय प्राप्त कर रही हैं।इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सुशील कुमार सिंह ने पहली जांच रिपोर्ट 16 फरवरी 2026 को भेजी थी। इसमें दस्तावेजों के सत्यापन, नियुक्ति निरस्त करने, मानदेय की रिकवरी और एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति की गई थी।
पहली रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई न होने पर बीईओ ने 20 मार्च 2026 को दूसरी बार रिमाइंडर भेजते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग दोहराई। इसके बावजूद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया।
चौंकाने वाली बात यह है कि पहली रिपोर्ट को तीन महीने और दूसरी रिपोर्ट को एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन न तो दस्तावेजों का सत्यापन हुआ और न ही संबंधित शिक्षामित्र का मानदेय रोका गया। पूनम देवी अभी भी विद्यालय में कार्यरत हैं और नियमित रूप से सरकारी धन प्राप्त कर रही हैं।
शिकायतकर्ता ज्ञान प्रकाश चौहान का कहना है कि बीईओ द्वारा दो-दो बार रिपोर्ट भेजने के बावजूद बीएसए कार्यालय की चुप्पी यह संकेत देती है कि विभाग के अधिकारी आरोपी को बचाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि शासन को धोखा देने वाले के खिलाफ कार्रवाई न होना विभाग की नीयत पर सवाल खड़ा करता है।
जब इस मामले में बीएसए कार्यालय से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका सीयूजी नंबर बंद मिला। कार्यालय कर्मियों ने भी जानकारी देने से इनकार कर दिया। इससे यह संदेह और गहरा गया है कि कहीं इस पूरे मामले में विभागीय स्तर पर मिलीभगत तो नहीं है।
ज्ञान प्रकाश चौहान ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो वह डीएम गोंडा और मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करेंगे और हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दायर करेंगे।
