
Swatantra Bhardwaj Juvenile Custody: स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, मारपीट मामले में हुई कार्रवाई
Swatantra Bhardwaj Juvenile Custody: दिल्ली की एक अदालत ने खुद को दक्षिणपंथी इन्फ्लुएंसर बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज को मारपीट के मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया है। स्वतंत्र भारद्वाज पर जून में जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से आयोजित छात्र प्रदर्शन के दौरान 38 वर्षीय एक व्यक्ति के साथ मारपीट कर उसे घायल करने का आरोप है।
स्वतंत्र भारद्वाज को सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala House Court) के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप लालेर के सामने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
एक दिन पहले भी भेजा गया था न्यायिक हिरासत में
यह फैसला स्वतंत्र भारद्वाज को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के ठीक एक दिन बाद आया है। रविवार को अदालत ने उसे एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था।
इससे पहले शनिवार को स्वतंत्र भारद्वाज को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर के आवास पर पेश किया गया था। उस समय दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने आरोपी से एक दिन की हिरासत में पूछताछ की मांग की थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया था।
बुलंदशहर से पकड़ा गया था स्वतंत्र भारद्वाज
स्वतंत्र भारद्वाज को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर (Bulandshahr) से पकड़ा गया था। उसकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर सीजेपी ने पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया था।
सीजेपी की ओर से स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किए जाने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद मामले में पुलिस की कार्रवाई और तेज हुई।
FIR में SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं
शुक्रवार को ही दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR) में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (SC/ST Prevention of Atrocities Act) और आपराधिक धमकी (Criminal Intimidation) से जुड़ी धाराएं भी जोड़ दीं।
यह मामला जंतर-मंतर पर जून में सीजेपी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है। संजय कुमार एक नाबालिग छात्र कार्यकर्ता के पिता हैं। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी और वह घायल हो गए थे।
पॉडकास्ट के बाद बढ़ा विवाद
स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पुलिस कार्रवाई उस वीडियो पॉडकास्ट के बाद तेज हुई, जिसे लेकर काफी विवाद हुआ था। आरोप है कि पॉडकास्ट में स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया था कि प्रदर्शन के दौरान उन्होंने नाबालिग छात्र कार्यकर्ता के पिता की “खोपड़ी फोड़ दी थी”। इस बयान के बाद मामले को लेकर काफी आक्रोश देखने को मिला और स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। हालांकि बाद में स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया कि उन्होंने ऐसा आत्मरक्षा (Self Defence) में किया था।
पुलिस ने चोटों को बताया था सामान्य
इस मामले में दिल्ली पुलिस पहले ही कह चुकी है कि छात्र कार्यकर्ता के पिता को लगी चोटें “साधारण” प्रकृति की थीं। अब अदालत की ओर से स्वतंत्र भारद्वाज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद मारपीट का यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। स्वतंत्र भारद्वाज पर इस मामले के अलावा एक अलग मामले में पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत भी केस दर्ज है।
