
CJP Candle March Today: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी खत्म नहीं होगा धरना, CJP ने कैंडल मार्च का किया ऐलान
CJP Candle March Today: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ते ही जंतर-मंतर पर भले ही जश्न का माहौल देखने को मिला हो, लेकिन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने साफ कर दिया है कि उनका धरना अभी खत्म नहीं होने वाला है। संगठन का कहना है कि सरकार से की गई तीन मुख्य मांगों में से अब तक केवल एक ही पूरी हुई है। जब तक बाकी दो शर्तों पर लिखित फैसला नहीं आता, तब तक मैदान खाली करने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
देश के कोने-कोने में आज शाम कैंडल मार्चCJP के अगुआ अभिजीत दीपके ने देश भर के युवाओं और नागरिकों से एक खास अपील की है। उन्होंने आज शाम 6 बजे देश के हर शहर और कोने से एक विशाल कैंडल मार्च निकालने का आह्वान किया है। दीपके ने कहा कि यह पैदल मार्च उन मासूम अभ्यर्थियों की याद में निकाला जा रहा है, जिन्होंने NEET परीक्षा में हुए घोटाले और धांधली के तनाव में आकर अपनी जान गंवा दी। अब देखना होगा कि इस देशव्यापी आह्वान का जमीनी स्तर पर कैसा असर दिखता है।
आंदोलनकारियों की 3 प्रमुख मांगें क्या थीं?
इसी हफ्ते सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के साथ हुई कई दौर की बैठकों के दौरान CJP ने अपनी 3 शर्तें मेज पर रखी थीं:
पहली मांग: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत त्यागपत्र।
दूसरी मांग: शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसी भी छात्र पर कानूनी या आपराधिक केस दर्ज न करने का ठोस आश्वासन।
तीसरी मांग: 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय हो, सरकार सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और पीड़ितों को उचित मुआवजा दिया जाए।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा शांतिपूर्ण धरना
शिक्षा मंत्री का इस्तीफा आने के बाद CJP प्रवक्ताओं ने अपनी भावी रणनीति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। उनका कहना है कि जब तक केंद्र सरकार बाकी बची दोनों मांगों पर अपना रुख साफ नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन इसी तरह अनुशासित और शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा। कांस्टीट्यूशन क्लब में केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ हुई अहम मुलाकात के बाद प्रतिनिधियों ने कहा कि उन्होंने अपनी बात पूरी स्पष्टता से रख दी है और उम्मीद है कि सरकार अब छात्रों की आवाज सुनेगी।
पुणे से दिल्ली तक गूंजी संविधान की आवाज
यह पूरा आंदोलन शुरुआत से ही NEET-UG परीक्षा रद्द होने के बाद जान गंवाने वाले छात्रों को समर्पित रहा है। हाल ही में पुणे में CJP के नेतृत्व में निकली एक विशाल रैली में भी इन अभ्यर्थियों को याद किया गया था और सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया गया था। फिलहाल दिल्ली के जंतर-मंतर पर सत्याग्रह का दौर जारी है। आयोजकों ने एक सुर में कहा है कि जब तक हर एक मांग का औपचारिक समाधान नहीं निकल जाता, तब तक वे पीछे नहीं हटने वाले हैं।
