
Hardoi News: महाराष्ट्र पुलिस का बड़ा खुलासा, हरदोई में पकड़ी गई कथित एमडी ड्रग्स फैक्ट्री
Hardoi News: महाराष्ट्र पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई में उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का नाम कथित मादक पदार्थों के अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़ने पर चर्चा में आ गया है। मिरा-भायंदर, वसई-विरार (एमबीवीवी) पुलिस कमिश्नरेट की क्राइम डिस्क्लोजर यूनिट-4 ने जांच के दौरान हरदोई के संडीला क्षेत्र में पहुंचकर एक ऐसे ठिकाने का पता लगाया, जहां कथित रूप से एमडी (मेफेड्रोन) नामक प्रतिबंधित ड्रग्स के निर्माण का काम संचालित किया जा रहा था।
मामले की शुरुआत 4 अप्रैल 2026 को महाराष्ट्र के नयानगर थाना क्षेत्र से हुई थी। पुलिस ने एक महिला के आवास पर छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में एमडी ड्रग्स बरामद की थी। जब्त किए गए मादक पदार्थ का वजन करीब 1 किलो 324 ग्राम बताया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2.66 करोड़ रुपये आंकी गई।
इस बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान कई राज्यों में फैले नेटवर्क के सुराग मिले। पुलिस टीम ने मुंबई के मालवणी और मनोरी क्षेत्रों के साथ-साथ तेलंगाना के जहीराबाद में भी छापेमारी की। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की दिशा उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले तक पहुंची।
ड्रग्स निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई वैज्ञानिक उपकरण बरामद
पुलिस के अनुसार 16 जून 2026 को संडीला क्षेत्र से तसलीम आरिफ उर्फ रज्जाक नामक आरोपी को हिरासत में लिया गया। उसकी निशानदेही पर एक कथित ड्रग्स निर्माण इकाई का खुलासा हुआ।
कार्रवाई के दौरान लगभग 1 किलो 26 ग्राम एमडी ड्रग्स, 300 लीटर मोनो मिथाइल अमीन (एमएमए) रसायन तथा ड्रग्स निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई वैज्ञानिक उपकरण बरामद किए गए। बरामद उपकरणों में हीटिंग ड्रायर, सेपरेशन फ्लास्क, हीटिंग मेंटल, रिकवरी फ्लास्क, फोर फिंगर क्लैंप, एडिशन पॉट और बुचनर फनल सहित अन्य लैब सामग्री शामिल है। पुलिस का दावा है कि हरदोई से जब्त सामग्री का मूल्य लगभग 2.07 करोड़ रुपये है।
20 आरोपियों की गिरफ्तारी
अब तक की जांच में कुल 20 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि लगभग 22.79 करोड़ रुपये मूल्य की ड्रग्स और संबंधित सामग्री जब्त की गई है। अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय था और इसकी जड़ें काफी गहरी हो सकती हैं। पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त दत्तात्रेय शिंदे तथा पुलिस उपायुक्त (अपराध) संदीप डोईफोडे के निर्देशन में क्राइम डिस्क्लोजर यूनिट-4 द्वारा की गई। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस को आगे भी महत्वपूर्ण खुलासों की उम्मीद है।
