MODI Chalisa: PM मोदी को भगवान का रूप दिखाने वाला पोस्टर, प्रेस क्लब के कार्यक्रम पर उठे सवाल

MODI Chalisa: PM मोदी को भगवान का रूप दिखाने वाला पोस्टर, प्रेस क्लब के कार्यक्रम पर उठे सवाल

MODI Chalisa: दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा में आयोजित एक धार्मिक शैली के कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया। कार्यक्रम में कथित तौर पर पीएम मोदी के पोस्टर के सामने आरती की गई और ‘जय जय मोदी, हर हर मोदी’ के नारे लगाए गए। कार्यक्रम स्थल पर लगे एक बैनर पर ‘भगवान श्री नरेंद्र मोदी चालीसा’ लिखा नजर आया। वायरल वीडियो में एक पोस्टर पर नरेंद्र मोदी को धनुष पकड़े हुए भी दिखाया गया।

प्रेस क्लब ने आयोजन से किया किनारा

वीडियो सामने आने के बाद प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम का आयोजन उसकी ओर से नहीं किया गया था। क्लब के मुताबिक, परिसर का एक हॉल किसी संगठन को प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए किराये पर दिया गया था। प्रेस क्लब ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि आयोजकों ने परिसर किराये पर लेने की शर्तों का उल्लंघन किया। इसकी जानकारी मिलते ही क्लब प्रशासन ने हस्तक्षेप किया और कार्यक्रम को रुकवा दिया। क्लब ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरों और वीडियो के संबंध में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि प्रेस क्लब इस आयोजन का आयोजक नहीं था।

राहुल गांधी के पोस्टर पर भी हुआ था विवाद

यह पहली बार नहीं है जब किसी बड़े राजनीतिक नेता की धार्मिक प्रतीकात्मकता से जुड़ा कार्यक्रम विवादों में आया हो।
जून में वाराणसी में यूथ कांग्रेस के एक कार्यक्रम का वीडियो सामने आया था, जिसमें राहुल गांधी के पोस्टर पर ‘दुग्धाभिषेक’ किया गया था। यह कार्यक्रम राहुल गांधी के 56वें जन्मदिन के मौके पर आयोजित किया गया था।

पोस्टर में राहुल गांधी को भगवान परशुराम के रूप में दिखाए जाने को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा था।

भाजपा नेता अमित मालवीय ने तब कांग्रेस पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया था कि राहुल गांधी की तुलना भगवान परशुराम से करना हिंदू आस्था और परंपरा का अपमान है।

एक जैसे प्रतीकों पर अलग-अलग सियासी प्रतिक्रिया?

अब पीएम मोदी के पोस्टर के सामने आरती और ‘मोदी चालीसा’ से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में यह सवाल भी उठ रहा है कि नेताओं को धार्मिक प्रतीकों के साथ जोड़ने की ऐसी घटनाओं को राजनीतिक दल किस नजरिए से देखते हैं।

हालांकि, इस पूरे मामले में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने अपनी भूमिका स्पष्ट करते हुए कहा है कि उसने आयोजन नहीं किया था और शर्तों के उल्लंघन के बाद कार्यक्रम को रोक दिया गया।

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