
Sitapur News: महमूदाबाद कोतवाली से दो एस आई दो आरक्षियों का हुआ स्थानांतरण
Sitapur News: खाकी और ईमानदारी का रिश्ता हमेशा से चर्चा का विषय रहा है। लेकिन जब किसी ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी का तबादला होता है, तो जनता के मन में कई सवाल उठते हैं। आज की हमारी खास रिपोर्ट इसी विषय पर है… जहाँ सिस्टम के आगे एक बार फिर ‘ईमानदारी’ हारती हुई नज़र आ रही है।
हम बात कर रहे हैं जिला सीतापुर के कोतवाली महमूदाबाद चौकी महमूदाबाद में तैनात रहे सब-इंस्पेक्टर (SI) दीपक राठौर व सब-इंस्पेक्टर (SI) शैलेन्द्र के हाल ही में दीपक राठौर को महमूदाबाद कस्बा चौकी से सिधौली बॉड़ी चौकी व शैलेन्द्र को महमूदाबाद से दिबियापुर सदरपुर चौकी इन्चार्ज स्थानांतरित कर दिया गया है। अपनी बेहतरीन कार्यशैली, अपराधियों में खौफ और आम जनता के बीच अपनी ‘मसीहा’ जैसी छवि के लिए जाने जाने वाले इस SI का यूं अचानक तबादला होना, कई सवाल खड़े कर रहा है।
नगर मे शान्ति व्यवस्था बनाये रखने को लेकर जुलूस ,धार्मिक कार्यक्रमों, जाम व अतिक्रमण , चोरी, लूट, बच्चों के विद्यालय जाते व आते समय विद्यालयों के छुट्टी के समय बेटियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर माँ संकटा देवी धाम के मेले आदि कार्यक्रमों में शान्ति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उपलब्धियां।
अपने छोटे से कार्यकाल में ही, सब-इंस्पेक्टर दीपक राठौर व शैलेन्द्र ने इलाके में अपराध का ग्राफ काफी कम कर दिया था। किसी एक बड़ी घटना, जैसे- चोरी , लूट पर कार्रवाई, या किसी बड़े केस को सुलझाने में उनकी भूमिका की काफी सराहना की गई थी। वे अक्सर बिना किसी राजनीतिक दबाव के काम करने और फरियादियों को तुरंत न्याय दिलाने के लिए जाने जाते थे।
स्थानांतरण के बाद से ही स्थानीय व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम जनता में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। इलाके के लोगों का कहना है कि एक ‘कड़क और ईमानदार’ पुलिस वाले का तबादला जनता के मनोबल को तोड़ता है
जैसे हमें ऐसे ही पुलिस वाले चाहिए थे, जो गरीबों की सुनते थे, उनका जाना दुखद है
सवाल यह उठता है कि क्या ईमानदारी का इनाम तबादला है? क्या सिस्टम में रहकर सही तरीके से काम करना इतना मुश्किल हो गया है कि एक अच्छे पुलिस अफसर को अपनी जगह छोड़नी पड़े? अक्सर देखने में आता है कि जब कोई अधिकारी भ्रष्टाचारियों और अपराधियों पर नकेल कसता है, तो उसे सत्ता या रसूखदारों के दबाव का शिकार होना पड़ता है।
बहरहाल, जनता अपने जांबाज पुलिस अधिकारी को वापस लाने की मांग कर रही है। ऐसे अधिकारियों का तबादला सिस्टम की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। देखना यह होगा कि क्या आला अधिकारी इस जनभावना पर ध्यान देते हैं या एक और ईमानदार अफसर सिस्टम की भेंट चढ़ जाता
है।
महमूदाबाद कोतवाली से दो एस आई दीपक राठौर व शैलेन्द्र दो आरक्षियों विख्यात का स्थान्तरण कस्बा महमूदाबाद से रामकोट व अखिलेश का कस्बा महमूदाबाद से सदरपुर थाना हुआ स्थान्तरण।
रिपोर्टर- उत्तम कुमार गुप्ता
जिला -सीतापुर ( महमूदाबाद )
