
Ram Mandir Donation Case: दम है तो इस्लाम पर…,राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर स्वामी प्रसाद की टिप्पणी पर महंत राजू दास ने किया चैलेंज
Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की टिप्पणी पर हनुमानगढ़ी मंदिर के पुजारी महंत राजू दास ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान को सनातन धर्म का अपमान बताते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो इस्लाम या फिर दूसरे किसी दूसरे धर्म पर भी ऐसी टिप्पणी करके दिखाएं। महंत राजू दास ने कहा कि बार-बार सनातन और हिंदुत्व को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि अन्य धर्मों पर कोई टिप्पणी करने का साहस नहीं दिखाता। उन्होंने मांग की कि स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। राजनीतिसमाचार विश्लेषण
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Ram Mandir Donation Case: चढ़ावा चोरी के आरोप से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा विवाद 7 जून को तब शुरू हुआ, जब समाजवादी पार्टी के नेता तेज नारायण ‘पवन’ पांडे ने राम मंदिर में चढ़ावे से 5 से 7.5 करोड़ रुपये के कथित गबन का आरोप लगाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए 13 जून को मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल का गठन किया। सरकार का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजनीति नहीं, जांच पर भरोसा रखने की अपील
महंत राजू दास ने लोगों से इस मामले का राजनीतिकरण न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि निष्पक्ष जांच के बाद पूरी सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने बताया कि अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। महंत ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
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स्वामी प्रसाद मौर्य ने क्या कहा था?
स्वामी प्रसाद मौर्य ने चढ़ावा चोरी के मामले पर सवाल उठाते हुए कहा था कि यदि भगवान राम अपने ही मंदिर की सुरक्षा नहीं कर सके तो वे दूसरों की रक्षा कैसे करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर परिसर और गर्भगृह से करोड़ों रुपये के दान के साथ सोना-चांदी भी चोरी हो गया। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक संगठनों की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। फिलहाल मामला एसआईटी जांच के अधीन है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
