
Ram Mandir Scam SIT Report: अयोध्या राम मंदिर दान राशि चोरी मामला,SIT रिपोर्ट से मचेगा सियासी और धार्मिक भूचाल
Ram Mandir Scam SIT Report: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि की रहस्यमयी चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश की सियासत से लेकर धार्मिक जगत तक भारी हड़कंप मचा हुआ है। इस महा-घोटाले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी विशेष जांच टीम (SIT) आज अपनी सबसे महत्वपूर्ण और विस्फोटक जांच रिपोर्ट सीधे शासन को सौंपने जा रही है।
योगी सरकार ने शुरुआती पड़ताल के लिए केवल एक हफ्ते यानी 7 दिनों का बेहद सीमित समय तय किया था, जिसका आज आखिरी दिन है। बेहद पुख्ता सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, एसआईटी की तेज-तर्रार टीम अपनी गहन छानबीन पूरी करके देर रात ही लखनऊ वापस लौट चुकी है। माना जा रहा है कि यह प्रारंभिक रिपोर्ट 150 पन्नों से भी ज्यादा बड़ी है, जिसमें मंदिर के भीतर चल रहे कई हैरान करने वाले राज दर्ज हैं।
मुख्यमंत्री का 15 दिनों का वादा
आपको बता दें कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में 15 जून को एसआईटी ने अयोध्या में कदम रखकर अपनी तफ्तीश शुरू की थी। पूरे देश में मचे हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने खुद जनता से 15 दिन का धैर्य रखने की भावुक अपील की थी और भरोसा दिया था कि इस विशेष जांच में सच पूरी तरह सामने आ जाएगा। एसआईटी ने नोटों की गिनती करने वाले मुख्य कर्मियों लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष यादव और राजेश पाठक को आमने-सामने बिठाकर कई कथित गड़बड़ियों और पैसों के हेरफेर को लेकर घंटों कड़ाई से पूछताछ की है।
चंपत राय और अनिल मिश्रा से तीखे सवाल-जवाब
जांच की आंच अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सबसे बड़े चेहरों तक पहुंच चुकी है। मंदिर की आंतरिक व्यवस्था संभालने वाले रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव के अलावा, आभूषणों की सुरक्षा करने वाले कृष्ण देव तिवारी से भी लंबी पूछताछ हुई है। इतना ही नहीं, एसबीआई (SBI) शाखा के बड़े अधिकारियों और दान के पैसों को संभालने वाले बैंककर्मियों को भी जांच के दायरे में लिया गया है।
सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्रा और परिसर प्रभारी गोपाल राव से भी बंद कमरे में तीखे सवाल पूछे गए। चर्चा है कि डॉ. अनिल मिश्रा पर 40 फीसदी कमीशन का संगीन आरोप लगाने वाले पूर्व इंजीनियर दीनानाथ वर्मा को भी एसआईटी बहुत जल्द लखनऊ मुख्यालय बुला सकती है।
दानदाताओं का फूटा गुस्सा
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, राम मंदिर को अपना सर्वस्व दान करने वाले श्रद्धालुओं का सब्र भी अब पूरी तरह टूट रहा है। बड़े दानदाता अनुराग रस्तोगी ने मीडिया के सामने आकर एक बहुत बड़ा और सनसनीखेज दावा ठोक दिया है। रस्तोगी के मुताबिक, उन्होंने अपनी पत्नी के साथ अगाध श्रद्धा से प्रभु रामलला के चरणों में करीब 60 किलो चांदी की सिल्ली और एक बेहद बेशकीमती और विशेष चांदी का दीपक समर्पित किया था. लेकिन अब वह पावन दीपक मंदिर परिसर से पूरी तरह गायब है और कहीं दिखाई नहीं देता।
उन्होंने सीधे सवाल उठाया है कि आखिर श्रद्धा से चढ़ाए गए ये आभूषण तिजोरियों से निकलकर कहां विलीन हो गए? दानदाताओं ने मांग की है कि चढ़ावे का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक होना चाहिए। रस्तोगी ने कहा है कि अगर एसआईटी उन्हें बुलाती है, तो वे गवाही देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
